सुबह सबेरे उठ कर जाना मेंने जाना
जाना तो जाना मेने फिर तुम को पहचाना मै ने
जाना तो था सब सब को छोड़ कर
फिर किसी को कैसे अपना माना
जब जाना ही था तुम को छोड़कर
फिर तुम ने अपना माना केसे
जैसे गई हो मुझे छोड़कर जाना
जाना ऐसे ओर को छोड़कर मत जाना जाना
जाना ही है ऐसे छोड़ कर तो
लौट कर ना वापस आना जाना
तुम जो चली जाती हो छोड़ कर जाना
तुम्हें क्या पत्ता कैसे-केसे इल्जाम लगता है
हम पर जमाना
©deepakshar
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