जब तुमसे हम बेगाने थे
मेरा घर बस मयखाने थे।
तुने आकर तरस दिखाई
वगरना हाथों में पैमाने थे।
हम भी किसी से गुफ्तगू करे
ऐसे दिल मे बहुत फसाने थे ।
खुदा का शुक्र है कि नंबर मेरा लगा
मेरे पिछे तेरे कई दिवाने थे।
अब मैं हूं डरो नहीं खुल के बताओ
मेरे पहले भी कोई सयाने थे।
तेरे प्यार ने दिखाया फलक चांद तारे
इसके पहले तो सर पर सामियाने थे।
अब तू है जूनूं अब तू है जिंदगी
यहीं मेरे सुखन के परवाने थे।
©anuragrahi
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