काले रात जैसे
सोचको भी काले मत कारों तुम
चलते हुए रास्ते से ही गुजरना
इरादा मत बदलो तुम
बरना..!
मंज़िले बुरा मान जायेगी!
आंखो के सामने अपने जिन्देगी को
खोना नजर आएंगे,
और खोते हुए देखोगे तुम।
जीन्देगी जीऊं अपना मर्जि से
किछिकी हाथों में जीवन बन्दक ना दो,
जो दिल चाहें वोही कारों
अपना जिन्देगी खुद जीयो!
©abdulmazid
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