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जीत की जंग

कोरोना पे जीत की जंग है जारी.
आघी जीती है, आघी है बाकी.
इस जंग में हथियार है, हमारी समझदारी.
तभी तो सरकार सभी जगहों पे ताला है मारी.
कोरोना पे जीत की जंग है जारी.
आघी जीती है, आघी है बाकी.
इस जंग में करें घर में ही आराम.
और दुर से ही करें लोगों को हाथ जोड़कर प्रणाम.
कोरोना पे जीत की जंग है जारी.
आघी जीती है, आघी है बाकी.
इस जंग में पुरे भारतवासी की है भागिदारी.
तभी तो हम सब है कोरोना पे भारी.
कोरोना पे जीत की जंग है जारी.
आघी जीती है, आघी है बाकी.
इस जंग में निभाये एक दूसरे से वादा.
नजदीक न आये छह फिट ज्यादा.
कोरोना पे जीत की जंग है जारी.
आघी जीती है, आघी है बाकी.
इस जंग में हाथ को करें वार वार साफ.
और मुह नाक ले अच्छी तरह से झाप.
कोरोना पे जीत की जंग है जारी.
आघी जीती है, आघी है बाकी.
जीत की जंग में ना पड़े किसी तरह का भंग.
चले अमरेन्द्र के कविता के संग.
तो हमसब जीत जायेगें ये जंग.
अमरेन्द्र कुमार
©amrendraku