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जीवन की है सच्चाई

सुख दुःख के व्यापार में जीवन का लक्ष्य गुल।
थोड़े से धन प्रतिष्ठा में अज्ञानता आई फुल।।
अज्ञानता आई फुल, ज्ञानियों की बात ना विचारी।
कहे सब वेद ग्रन्थ यह जीवन आने वाले की तैयारी।।
आने वाले की तैयारी तो खुद को जानो मानव।
अपने पराये की परख में तो बने रहोगे दानव।।
बने रहोगे दानव यूँ तो सिर्फ लेगी जन्म बुराई।
खुद की परख करना ही जीवन की है सच्चाई।।
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©vikasgarg