बदल दिया मेरा जीवन मौसम!
बदल दिए दिन-रात!
जाने आँखों से क्या समझाया!
बदल गई हर बात!
बदल--------
बिन पग सर धर्ती कर लूँ!
कर लूँ पँख बिना आकाश!
जाने किस मयखाने डुबोया मुझको!
मेरे बदल दिए आभास!
बदल--------
प्रेम चिंगारी कँचन कोयला कर दे!
कर दे अज्ञान को प्रकाश!
जीवन को जो दौलत चाहिए!
फिर प्रकाश ही प्रकाश!
बदल--------
हर जीवन धूप-छाँव है!
प्रेम धूप-छाँव आपार!
अपरम दुख-सुख ले के आई!
प्रेम की ये सौगात!
बदल---------
लक्कड़ी कितना उपकार करे है!
कोयला भए फिर राख!
प्रेम बिना तुम जीवन जानो!
कोयला भए न राख!
बदल---------
©ramvir
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