A

जीवन से सीखा मैंने

लेना सीखा है कुछ तो किसी की पीड़ा को।
बांटना सीखा है अगर तो निःस्वार्थ प्रेम को।
चलना सीखा है तो आगे कदम बढ़ाने को।
©anusingh