V vikasgarg en July 23, 2025 जिंदा लाश छोडकर जिद अपनी ज़राएक दूजे पर, दिल से करो विश्वासअपने अहंकार को बिठाकर सिर परमत बन बैठो, चलती फिरती जिंदा लाश©vicky31