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जिंदा लाश है हम

रोती रहती हैं हर रोज अंधी हसरतें बिन बात
सोये रहतें हैं अपनों की खातिर हमारे जज्बात
करते है हम लाखों मीलों का सफर उम्रभर में
पर कर ना पातें है हम ताउम्र खुद से ही मुलाकात
बनाया था रब ने हमें तो भगवान जमीन का
ध्यान से देखो खुद को, कितने खास है हम
कुछ भी नही, सिर्फ एक जिंदा लाश है हम
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©vikasgarg