M mittawrite en July 23, 2025 जिंदगी हैं कितने गम के पन्ने इस किताब-ए-जिंदगी मेंजानना है जानना है जानकर रहेंगेंसह लिए हैं दर्द जितने सहने थे तुम्हें अब दर्द तुम्हारे बांटना है बांटना है बांटकर रहेंगे©mittawrite