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जिंदगी

कतरा कतरा आसूँ बनकर,
जब झलका आँखो से,
तडपते दिल से दर्द भरी सिसकियाँ उठने लगी,
और कहने लगी हमसे,
जिंदगी जीना जिंदादिली है,
और कुछ नही,
कुछ मीठे पल खुशी के,
कुछ दर्द है गम भरें,
कुछ अफसाने है प्यार के,
कुछ नग्मे है यारी के,
कहीं हौसले है आसमान छूने के,
कहीं खामोशी है तनहाई की,
यहा का हर अनुभव निराला है,
जो सेह गया, वो जीत गया,
जो सेहम गया वो हार गया।
यही है जिंदगी,
और यही जिंदगी का रुप।
©poojathole