कल की नन्हीं सी किकरिया आज डोली से जाती हुई असू में बदल रही है .....जो पैर अभी कल ही पड़े थे घर में आज किसी के घर की लक्ष्मी बन रही है ....जिंदगी हर घड़ी हर पल बदल रही है. कल तक जो कली थी वो आज फूलों में बदल रही है ,जिंदगी हर पल हर घड़ी बदल रही है ,आज सुबह वही सूरज उगा नयी एक किरण लेकर और शाम को वहीं सुबह चांद के साथ ढल रही है जिंदगी हर घड़ी हर पल बदल रही है ।
©Anisha Pra
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