कहते हैं कि जिंदगी झंड है
फिर भी लोगों को होता घमंड है
मुश्किलें कहां हल हो पाती है
लगातार समस्याएं दिखती अखंड है
कभी मैट्रिक कभी बारहवीं
कभी नौकरी ढूंढने की समस्या प्रचंड है
फिर शादी के झमेलों में फंस
आदमी सिर्फ खोजता किधर फंड है
सोंचोगे जब आ ग्ए दिन मजे के
चार दिन की चांदनी फिर भसंड है
©abhidilse
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