सोचता रहता इंसान मजबूर होकर
क्या जिन्दगी सबसे साथ यूं ही निभाती है
देकर सबको थोड़ा या ज्यादा कष्ट
सबको जिन्दगी का असली मतलब समझाती है
रोना पड़ता है हंसते खेलते इंसानो को भी
जब जिन्दगी गमों की दुनियां से परदा हटाती है
दुख सुख मिलकर ही करते एक अदद जीवन का निर्माण
शायद ऐसा करके हर माहौल में जीना सिखाती है
©vicky31
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