कोई आपकी जिन्दगी मे एहम हो,
ज़रूरी तो नही की आपका उससे खून का रिश्ता हो।
कभी कभी ये छोटी-छोटी खुशियाँ कितनी बड़ी हो जाती है,
और कभी कभी खुशी मे अचानक आसूँ भी छलक पड़ते है ।
ये महोब्बत ही तो है जो दो अजनबियों को करीब लाती है,
और कभी कभी वही अजनबी आपकी जिन्दगी बन जाता है।
जब आप उसकी आखों मे अपने लिए प्यार देखते है,तो आप अपनी आखों को दुनिया की सबसे खुश किस्मत और मुख्तलिफ चीज़ समझते है ।
लाख कोताहियो के बावजूद ,ये महोब्बत ही है जो इन्सान को इन्सान से जोड़े रहती है।।
- अनिलेश यादव
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