मन है तन है पर कोई अरमान नहीं है,
अब किसी के लिए कोई फरमान नहीं है,
इच्छा है पर छूने के लिए वह आसमान नहीं है,
अब इस दिल में कोई आंधी तूफान नहीं है,
लाखों हैं लोग पर अब वह जहान नहीं है,
खुशियां हैं ढेरों, होठों पर कोई मुस्कान नहीं है, शोहरत है पर मेरी अपनी कोई पहचान नहीं है, मतलबी और फरीद की दुनिया में जिंदगी का खेल खेलना आसान नहीं है
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©vicky
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