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जिंदगी में ✍

दुनियाँ ने रोकना चाहा
और मैं आगे भी ना
बढ़ पाया तो जिंदगी
में मैंने क्या किया
जब मुश्किलें आयी
और में हरा भी ना पाया
तो में ने क्या किया,
सब की तरह में भी
जिंदगी तो जि कर आया
कुछ अलग नहीं किया
तो क्या किया,
इन दो हांथों से किसी
की मदद भी नहीं किया
तो मैं ने जिंदगी में क्या
किया,
बस सोचते- सोचते ही
जिंदगी बित गयी और
मैंने कुछ ना किया
सच्च में मैंने क्या किया॥
©banirai