K

जित

हाथ पकड़ ले
अभी तेरा हो सकता हुं मैं ।।
क्या पता इस भीड़ की मेले में खो भी सकता हूं मैं
याद आते हैं पिछे छोड़े लोग ।।
वरना मैं भी आगे आ सकता हूं इस भीड़ की दौड़ में ।

- रोहित कुमार
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