परमात्मा की देन हूं
कमंडल मेरा स्रोत है
ना कोई रंग है ना रूप है
उदासीन हूं एक माध्यम हूं
मै विज्ञान नहीं , विज्ञान मुझसे है
मै उत्पत्ति हूं जीवों की
मै जननी हूं मिट्टी की
प्यास हूं मै घटा की
चीर हूं मै जलधर की
दर्पण हूं मै चांद की
ठंडक हूं मै जलती अग्नि की।
©anusingh
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