S

जो ईश्वर

जो गोपियों संग रास रचा कर , दिन रात को मोड़ा करते हैं।
यशोदा मात के हाथ से माखन खा, मटकी फोड़ा करते हैं।
उद्धव को प्रेम जो दिखा , ज्ञान दंभ को तोड़ा करते हैं।
जो अर्जुन को ज्ञान का मर्म सीखा, उसके मोह बंधन को तोड़ा करते ।
जो इस जग को पहनाए पादुका, निज भक्तों के
प्रेम के कारण नंगे पांव ही दौड़ा करते हैं।
ऐसे भगवन को बारंबार नमन , भय बंधन तोड़ा करते हैं।
🙏जय श्री कृष्ण, जय माँ अंबे 🙏

💐 शुभ नववर्ष 2020💐
©shivatomar