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🌹 जरुरत 🌹

कैसा है यह अनजाना सा दौर,
कैसे कैसे गजब के है शौक,
रिश्ता यहां न निभाता कोई,
फकत जरुरत पुरी करते हैं लोग...
🥀अभय ना. ताकसांडे 🥀
©abhayt