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#काबिल...

ना हम रहे दिल लगाने के क़ाबिल,
ना दिल रहा घाव उठाने के क़ाबिल,
लगा उसकी यादों का जो ज़ख़्म दिल पर,
ना छोड़ा उस ने मुस्कुराने के क़ाबिल.
©rohit123