V

काश

जोडकर सारे साधन ऐशो आराम के
भटकता फिर रहा इधर उधर, होकर हताश,
सच्चा मजा तुझे मिलेगा तेरे खुद के घर में
तूने सच्ची नजर से देखा होता काश
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©vikasgarg