काश कि कोई ऐसा हो,
जो मेरी खुशी में मुस्कुराए।
नींद आए उसे मगर,
मेरे जागने पर वो भी सो ना पाए।
ना बने मेरी हकीकत कोई गम नहीं,
बस बनकर मेरा वजूद, मुझमें सिमट जाए।
मेरी ख्वाहिशें उसकी हसरते बन जाए,
और वो मेरे दिल के हर दर्द को समझ पाए।
भूल जाए अपने हर गम को,
और मेरी मुस्कुराहट उसका ईमान बन जाए।
©rohittiwar
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