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kash kuchh aesa ho jaaye.. .

तुम सफर बनजाओ हम मुसाफिर बन जाते हैं।
तुम इश्क़ बनजाओ हम आशिक़ बन जाते हैं।
तुम लेहर बनजाओ हम किनारा बन जाते हैं।
तुम शायरी बनजाओ हम शायर बन जाते हैं।
©rohittiwar