तेरे कश में कश्मकश,
तेरे कश से मैं कश्मकश।
तेरे रूह से रुबरू,
तेरे रुह से मैं रुबरू।
होने लगा कुछ इस कदर,
तेरा मुझपे यू असर,
होश रहा ना मुझको,
मुझसे ही में बेखबर।
खयालो में तुझको,
मेने अपने बसालिया,
हसरतों में मेरे,
तेरी ही परछाइयां।
बन गया हू में,
अब तेरा दीवाना,
दीवानगी को मेरे,
तेरा ही फ़साना।
तेरे कश में कश्मकश,
तेरे कश से मैं कश्मकश।
तेरे रूह से रुबरू,
तेरे रुह से मैं रुबरू।
©poojathole
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