मैं रूठा,
तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन ?
आज दरार है,
कल खाई होगी
फिर भरेगा कौन ?
मैं चुप,
तुम भी चुप
इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ?
बात छोटी को लगा लोगे दिल से,
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ?
दुखी मैं भी और तुम भी बिछड़कर,
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ?
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©vikasgarg
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