कभी आंखों में आंसू छलक
भी जाये तो जि भर के
रोने का दिल करता है,
कभी अपनी खुशीयां भी बांट ने
का दिल करता है, तो कभी
खुद की खुशीयों से रुठ जाने
का दिल करता है..
कभी सारे रिश्तों को निभाने
का दिल करता है, तो कभी
इन सारे झुठे रिश्तों से दूर
जाने का दिल करता है,
सच्च कहें तो कभी हमें
अकेले रहने का दिल
करता है...
©banirai
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