कभी- कभी
कभी कभी ऐसा लगता है ना कि हम किसी एक इंसान के बिना जी नहीं सकते।
बस इंतज़ार किये जा रहे है
पर उसके बिना रह नहीं सकते।
कभी कभी ऐसा होता है ना कि वो हमारी हर सुबह और शाम बन जाता है।
हमारा दिन और रात बन जाता है।
उसके बिना हर पल मुश्किल सा लगता है
और उसके साथ हर एक लम्हा खुशनुमा सा लगता है।
कभी कभी ऐसा होता है ना कि उसके बिना हर चीज़, हर पल, हर कोई अधूरा लगता है
और उसके साथ सब कुछ पूरा सा लगता है।
कभी कभी ऐसा होता है ना कि सबके होते हुए भी हम अकेला महसूस करते हैं
और जब वो साथ होता है तो कुछ ना होते हुए भी सब कुछ महसूस हो जाता है।
होता है ना कभी कभी कि कोई एक इंसान आपकी पूरी दुनिया बन जात है
और आप उसकी दुनिया का हिस्सा भी नहीं बन पाते हो।
वो आपका नहीं हो पता, आप उसके नहीं हो पाते हो।
होता है ना… कभी कभी।
शिवन्या