Y your_rohit en July 23, 2025 ख़ामख़ा मुसीबत ये गले लगाता नहीं हूँ मैं , आईना अब किसी को दिखाता नहीं हूँ मैं… ख़ामख़ा मुसीबत ये गले लगाता नहीं हूँ मैं , आईना अब किसी को दिखाता नहीं हूँ मैं ,मेरे बताए रास्तों पर भटक जाते हैं मुसाफ़िर , लिहाज़ा अब किसी को रास्ता बताता नहीं हूँ मैं ।©your_rohit