M mahi_mulla en July 23, 2025 ख़ामोशी वक्त के ज़रिए सिख लेते हैं जीना हम,बोलने से ज्यादा जरूरी हैं चुप रहना।कभी अल्फ़ाज़ तो कभी चुपकी काभी लफ्ज़ ठहरे मिट्टी से।©mahi_mulla