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"खाँबों कि दुनियाँ में.."

खाँबों कि गर कोई दुनियाँ होती,
उस दुनियाँ में आप हमारे साथ होती,
हम देखते रहते उम्रभर आपको,
और न कोई अपनी चाहत होती।।
मन ही मन करती बातें और हम सून लेते,
या होती कुछ सौगातें तो पुरी कर देते,
आपके संग गुजरता हर लम्हा रोक देते,
और उन लम्हों को दिल में कैद कर लेते।।
कैसे दिखायें इश्क करते हैं आपसे कितना,
इतना समझीएँ समंदर में पानी हैं जितना,
आप तरस गए होते दो बूँद आँसू के लिए,
मोहब्बत इतनी आपके लिए मेरे दिल में होती।।
गर शायद ख्वाँबों कि कोई दुनियाँ होती,
उस दुनियाँ में आप हमारी बेग़म होती,
भर देते दुनियाँ कि हर ख़ुशी से आपको,
और कोई न शिकायत आपको हम से होती।।
- Nilesh Ingole
©nilesh2016