खुदा तेरे दर पे मेरा एक काम हो जाए
तो खैरीयत होगी...
उस के नाम के साथ फिर से मेरा नाम हो जाए
तो खैरीयत होगी...
होता होता कुछ वो इतना खास हो जाए
दर्द उसे हो मुझे अहसास हो जाए
तो खैरीयत होगी...
दूरीयो के लम्हे मे वो जान से भी ज्यादा पास हो जाए
तो खैरीयत होगी...
उस के साथ हसी़ हर पल हो जाए
बस वो साथ और काले बादल हो जाए
तो खैरीयत होगी ...
ये दुनिया तो समझदार बताती है
अक्षत फिर से उस का पागल हो जाए
तो खैरीयत होगी...
©akkshat28
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