V vikasgarg en July 23, 2025 खेल जिंदगी का जाने क्यूं मिटती ही नही,मानव की हवसमतलबी रिश्ते सारे,किसी बात में नही रसकर रहा अंधाधुंध प्यारी प्रकृति का शोषणरहने लगा है अब तो रब भी रूठा रूठाखेल जिंदगी का बड़ा अनूठा🌹🌹🌹©vicky31