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खेलेंगे जी- जान से

खेलेंगे जी- जान से
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-- विनय श्रेष्ठ
थकेंगे ना थमेंगे,
रुकेंगे ना झुकेंगे।
ठोकर जो खाई कभी,
हिम्मत ना हारेंगे ।
ऐसा खेल दिखाएंगे ,
सबके छक्के छुड़ायेंगे।
खेलेंगे जी- जान से।
लक्ष्य है जीतना,
जीतकर ही थमेंगे।
मंजिल से पहले ,
रोके ना रुकेंगे ।
ऐसा खेल दिखाएंगे ,
सबके होश उड़ाएंगे।
खेलेंगे जी- जान से।
राहों में जो रोड़े हो ,
जड़ से उसे हटाएंगे।
खेल के रणभूमि में ,
अपना कौशल दिखाएंगे।
ऐसा खेल दिखाएंगे ,
सबके दिलों में छायेंगे ।
खेलेंगे जी- जान से।
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