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कहने को।❤️

कहने को तो हम भी बहुत मशरूफ हैं अपनी ज़िंदगानी में,
कहने को तो हम भी बहुत मशरूफ हैं अपनी ज़िंदगानी में,
लेकिन , अब मन करता है डूब जाऊं, तुझ नदी जैसे पानी में।
कहने को तो हमने भी कई खवाब सजाये रखे हैं,
कहने को तो हमने भी कई खवाब सजाये रखे हैं,
खबर न हो जाये कहीं किसी को, बस पलकों में दबाये रखे हैं।
कहने को तो दिल में बातें लाखों हज़ारों होंगी,
कहने को तो दिल में बातें लाखों हज़ारों होगी,
कहीं बदनाम न हो जाये तो, बस दिल में समोए रखीं हैं।
कहीं बदनाम न हो जाये तो, बस दिल में समोए रखीं हैं।😍😍
©deeprichu