B banirai en July 23, 2025 खुद से जब खुद से मिले तो ऐहसासहुआ, खुद से बेहतर तो हमेंकोई जानता ही नहीं, बस युहीं रास्तों पर चले तो ऐसा लगा सब तो साथ ही हैपर जब हाथ बढ़ाया तो कोई थाही नहीं, परींदे सी है ये जिंदगी, जबहर परींदे को गिरते देखा.... ©banirai