दिल के किसी कोने से,
अंधेरी रातों में,
सुनसान राहो पर,
अनजाना मौसम,
करने लगा है असर,
होने लगे हम बेखबर,
और कुछ इस कदर,
हम होने लगे तुम्हारे,
सिर्फ तुम्हारे,
तुम्हारे नजरों के हो गये कायर,
ना दिन का होश रहा,
ना खुदका खयाल,
बस तुम्हारे ही खयाल में,
खो रहा मेरा हर खयाल,
इन खयालो से निकला ना जाये बाहर।
©poojathole
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