S shivamt en July 23, 2025 ख़याल ख़यालों की बारिश में भीगा हुआ दिल,जो तेरी गली ढूँढता रात औऱ दिन।कहीं साँवली शाम में बैठकर हम, जो है मेरे दिल में वो तुमसे कहें फ़िर।। ©shivamt