S

ख़याल

ख़यालों की बारिश में भीगा हुआ दिल,
जो तेरी गली ढूँढता रात औऱ दिन।
कहीं साँवली शाम में बैठकर हम,
जो है मेरे दिल में वो तुमसे कहें फ़िर।।
©shivamt