कितना खूबसूरत ये मेरा
अरमानों का जहां है
मुस्कुराती धरती मेरी
मुस्कुराता आसमां है
खूबसूरत ख्यालों को
बस करना बयां है
खुशियों की महफिल सजानी है
गमों की बुझा देना शमां है
किसी का साथ मिल जाए
ये जरूरी कहां है
बस एक आस सी पलती है
टिका उसी पर जिंदगी का मकां है
तय कर लें सफर कुछ अभय
नजर में कुछ मंजिलों के निसां है
आज चल रही साथ साथ सांसे
कल क्या पता दुनियां कहां है
©abhidilse
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