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किस अदा से मैं अपने इश्क का इजहार करूं।

किस अदा से मैं अपने इश्क का इजहार करूं।

किस अदा से मैं अपने इश्क का इजहार करूं

प्यार तो करता हूं और किस तरह से तुझे प्यार करूं

क्या मेरा बेबी,डार्लिंग, रानी,जानेमन पुकारना मंजूर नहीं

अगर नहीं तो मेरे करीब आओ बोसा-ए-रूखसार करूं

तन्हाई जुदाई रूसवाई सभी झेली है मैंने तेरे प्यार में

इक दिल के तसल्ली खातिर कितना इंतजार करूं

तमन्ना तो ये है कि मैं भी किसी शब आपके बांहों में

इस विरां तारिक़ रात को दिल-ए-गुलजार करूं

कुछ इस तरह भिगा दो अपने मुहब्बत की बारिश में मुझे

मैं अनुराग तेरी जुल्फों से निकलने का न कभी इसरार करूं।