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किसी और को क्यों देखे ये आंखे मेरी..... !!

जिक्र करता है ये दिल सुबह शाम तेरा,
बहते हैं आँसू और बनता है नाम तेरा,
किसी और को क्यों देखे ये आँखे मेरी,
जब दिल पर लिखा है मेरे नाम तेरा
©rohit123