कितनी भी दूरियाँ क्यों न आ जाएँ,
दिल फिर भी उसी की आहट पहचान ही लेता है… 🤍
इंतज़ार कभी आसान नहीं होता,
डर भी होता है, खामोशी भी,
कभी-कभी दिल खुद से ही सवाल करता है —
क्या वो भी मुझे उतना ही महसूस करता होगा?
पर फिर…
जब वो लौटकर आता है,
बस कुछ लम्हों की बातें ही काफी होती हैं।
धड़कनों की बेचैनी सुकून बन जाती है,
आँखों में ठहरे आँसू मुस्कान में बदल जाते हैं।
उसकी आवाज़ जैसे
थके हुए दिल पर हल्की सी बारिश हो,
और उसकी मौजूदगी से
हर एहसास फिर से जी उठता हो।
अचानक दुनिया थोड़ी नरम लगने लगती है,
रातें कम तन्हा,
और दिल… थोड़ा ज़्यादा पूरा।
शायद प्यार यही होता है —
जहाँ शिकायतें भी सुकून देती हैं,
और खामोशी भी बातचीत लगती है।
कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं,
एहसासों से लिखे जाते हैं…
और कुछ लोग,
दूर होकर भी दिल से कभी दूर नहीं होते। ✨
-शिवन्या
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