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कल सुनहरा है।।

देश में जैसे कोई मातम सा छाया है,
हवा में जैसे कोई मौत का साया है।
पर अनजान हैं ये दुनिया वाले कल की खुसखबरी से,
पेड़, परिंदे, और पवन देव भी अब जताया है,
क्युकी प्राकृति ने एक उपहार जो पाया है।।
©sochamit