कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है,
मगर ईश्वर की महिमा को नहीं नादाँ समझता है।
धर्म मज़हब के नामों पर कई आपस में लड़ते है।
कई अल्लाह कहते है, कई भगवान कहते है।
वो मालिक एक है, उसने सभी को एक माना है।
नहीं हिन्दू मुसल्माँ सिक्ख, बस मानव ही जाना है।
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©vikasgarg
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