बिना पेड़ के पत्तियों का
कोई मोल्य नहीं होता है,
बिना सुगंध के फूलों का
भी कोई वजुद नहीं होता,
जैसे जल के बिना नदी
कि कल्पना नहीं होती,
वैसे तो गुणों के बिना
आदमी का भी कोई मोल्य
नहीं होता॥
दुनियाँ में हर किसी का मोल्य
उस के गुणों से ही होता है,
नहीं तो बिना इंसान के इस
दुनियाँ का भी कोई वजुद
नहीं होता ॥
©banirai
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