कोई रिश्ता बुनता रहा रात भर
कोई रस्म निभाता रहा रातभर।
हम तो बस प्यार के प्यासे थे अड़े
हम जाम ए प्यार छलकाते रहे रातभर।
हर तरफ मौजों की थी रवानीयां
लोग पैसा उड़ाते रहे रातभर।
आपकी याद आती रही हर वक्त हमें
चांदनी दिल दुखाती रही रातभर।
इक उम्मीद से दिल बहलता रहा
इक तमन्ना सताती रही रातभर।
अनुराग बस वही बैठा सुनता रहा
कोई उसे वहीं सुनाता रहा रातभर।
©anuragrahi
S