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कोई तो समझाये।।।।

अजीब सी कशमकश चल रही है जिंदगी में,
दिल किसी और को चाहता है,
लेकिन बातें किसी और से होती हैं।
सोचते किसे और को हैं,
खवाब किसी और के आते हैं;
पास किसी और के होतें हैं,
पर धड़कने किसी और को देख भड़ जाती हैं।
क्या है यह सब,
कब मैं जान पाऊँगी;
बिना समझे ही कहीं,
कुछ गलत तो न कर जाऊंगी??
किस से मोहब्बत है इस दिल को,
वो जो पास है या फिर;
उससे जिससे हर वक़्त निहारने की,
इस दिल को पियास है??
कोई तो समझाये??
कोई तो समझाये??
©deeprichu