S shivatomar en July 23, 2025 कर्म वीर जो होते हैं कर्म वीर , कभी नही होते अधीर।जो तपते हैं वनखड़ों में , काल तेज के भुज डंडो में।न एक पल भी विचलित होते हैं , संकट को करते क्षीर- क्षीर।©shivatomar