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क्रोध का अंत दुःख

क्रोध का अंत दुःख मे ही होये
क्रोध को तो प्यार ही जीत पाये
दुःख भरा मान शांती ना पाये
सुविचार सद्गुण से सत्कर्म घडे
सदाचार से मन शुद्ध होये
क्रोध का अंत दुःख मे ही होये
दुर्गुण से पाप ही घडे
पाप जहर का प्याला
पिये तो दुःख ही दुःख पाये
क्रोध का अंत दुःख मे ही होये
पाप चेहरे पर झूठी मुस्कान छाये
पर आत्मा तडप के रोये
क्रोध का अंत दुःख मे ही होये
क्रोध को तो प्यार ही जीत पाये
सुनिल घरड
©sunillllll